Wednesday, September 12, 2012

सैफअली ख़ान और करीना कपूर का विवाह -

सैफअली ख़ान और करीना कपूर का विवाह जब भी होगा संभवतः भारत के सबसे
ज़्यादा चर्चित विवाहों मे से एक होग.करन ये नही की वे दोनो फिल्म
स्टार्स है बल्कि कारण बहुत और है! फिल्मी सितारो ने इससे पहले भी आपस मे
विवाह किए है!डिम्पल कपाड़िया ने राजेश खन्ना से ऋषि केपर ने नीतू सिंह
से और अमिताभ बच्चन ने जया भादुरी से !

करीना और सैफ की कहानी सबसे अलग है क्यो की दोनो ने सामाजिक वर्जनाओं को
तोड़ा प्यार मे धोखे नही खाए बल्कि धोखे दिए !समाज के नियमो की किसी भी
तरह से ना परवाह करना ही इनकी इस रिश्ते की विशेषता रही . पहले दोनो की
कुंडलियो का अलग अलग विश्लेषण कर लेते है.

सैफअली ख़ान -


मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी और पटौदी के नवाब के इकलौते पुत्र लड़के सैफअली
ख़ान का जन्म १६ अगस्त १९७० मे हुआ !उनकी माँ एक बंगाली ब्राह्मण है
जिनका संबंध गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के खानदान से है.
देखिए कैसे एक व्यक्ति के भाग्या मे पहले से ही लिखा होता है की वा कहा
पैदा होगा.!सैफ की कुंडली मे ग्रह स्पष्ट से रूप से बता रहे है की उनके
मान बाप दो अलग अलग मजहबों से होंगे.
 १९९१ मे राहु शुक्र की विनषोत्तरी दशा मे उनका पहला विवाह अमृता सिंह से
हुअ.यह विवाह उस समय इस लिए सुर्ख़ियो मे आया था क्यो की अमृता सिंह उनसे
१२ साल बड़ी थि.दोनो दो अलग अलग धर्मो से थे.
.उनका विवाह १३ साल तक चल और २००४ मे उनका तलाक़ हो गया.
ऐसा क्यो हुआ इसका जवाब कुंडली के ग्रह स्पष्ट रूप से दे रहे
है.विवह,प्रेम आदि के लिए नवांश कुंडली को आवश्या देखना चहिये.सैफ अली
ख़ान की वैवाहिक स्थिति की कहानी उनकी कुंडली बता रही है. नवांश कुंडली
मे सप्तम भाव पर मंगल की लगना से दृष्टि है.शनि लाभ भाव से लग्न स्थित
मंगल को देख रहा है.रहु सातवे भाव को देख रहा हैंअन्गल शुक्र को देख रहा
है.यह दिखता है वे ऐसे मर्द होंगे जिनपे लड़किया फिदा होंगी पर उन्हे
रिश्तो की कदर नही रहेगी.२००४ मे जब उनका तलाक़ हुआ तो वह ११ वे और
६ठेभाओ से संबंधित है.यह शुक्र लग्न कुंडली मे नीच का होकर बैठा है.सैफ
की पहली फिल्म परंपरा १९९२ मे राहु महा दशा मे आई. फिल्म "मैंखिलाड़ी तू
अनाड़ी" आई और हिट हुई.यह फ़िल्मे राहु की दशा मे आई.१९९५ से वह बृहस्पति
की दशा मे है.
२००७ मे वह करीना केपर के संपर्क मे आये.इस समय चंद्रमा और मंगल की
अंतरदशायें थि. नांश कुंडली मे चंद्रमा और मंगल पहले और सातवें भाव मे
हैं.
 फ़रवरी २०११ से वह शनि की महादशा मे आ चुके है. द्वितीया विवाह के लिए
नवम भाव ज़रूर देखा जाना चाहीये.
तीसरे विवाह के लिए ११वा भाव देखा जाना चहिये.फर्वरि २०१४ तक सैफ शनि मे
शनि की अंतरदशा मे होन्गेऽगर हम जैमिनी दशा देखे तो दिसंबर २०१२ से अगस्त
२०१३ तक सैफ वृश्चिक मे सिंह की जैमिनी अंतरदशा मे होन्गे.सिन्ह राशि
उनके नवांश के सातवे भाव मे पड़ रही है.

करीना कपूर -

करीना कपूर के पिता हिंदू और माँ एक ईसाई थी.उन्कि कुंडली मे लग्न मे ही
शुक्रा राहु के साथ स्थित है.लग्नेश चंद्रमा सातवे घर मे केतु के साथ
बैठा है.रहु मे शुक्र के अंतर मे उनका अफेयर शाहिद केपर के साथ शुरू होता
है और इसी अंतरदशा मे वह सैफ के करीब आती हैं! हिंदू ज्योतिष् मे विवाह
के समय कुंडलिया मिलाई जाती है. पर यदि दो प्रेमी जोड़ो की कुंडलिया
मिलाई जाए तो इन दोनो के ग्रह बहुत मिलते है.दोनो ही कुंडलियो मे पाप
ग्रह विवाह भाओ को घेरे हुए है.
विवाह भले टिको ना हो पर दोस्ती जो की ऐंद्रिक सुख तक सीमित है अच्च्ची चलेगी.
करीना की कुंडली मे मंगल चौथे घर से सातवे पर दृष्टि डाले हुए है.दर कारक
सूर्या शनि के प्रभाव मे है.शुक्र ११ वे घर का स्वामी होकर सप्तम भाव को
देख रहा है.ब्रिहस्पति छठे घर को देख रहा हैंअवन्श मे लग्न और सप्तम की
धुरी पर शनि राहु केतु है. मंगल शुक्र दोनो केंद्र मे है.
यह विवाह लंबा नही चल सकता.
मार्च २०१२ से करीना बृहस्पति की अंतरदशा मे आ गयी हैन.ब्रिहस्पति दूसरे
भाव मे बैठा है.लद्कियो की कुंडली मे दूसरा घर विवाह के लिए आवश्या देखना
चाहिए.
द्विसाप्तपतीसम दशा मे करीना जून २०१२ से शनि मे शुक्रा के अंतर मे है.यह
दशा अगस्त २०१३ तक चलेगि.विवाह अगले साल तक हो जाएगा.

सैफ का नीच का शुक्र और मंगल और करीना का शुक्रा का लगना मे राहु केतु से
पीड़ित होना तथा मंगल का सप्तम भाव को देखना इस विवाह को किसी भी कीमत पर
सफल नही होने देगा.

ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह
9532618523


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