Thursday, October 25, 2012

अभी और मुश्किलों मे फसेंगे रॉबर्ट वाड्रा

दिसंबर से बढ़ जाएँगी रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें !

रॉबर्ट वाड्रा आज कल अरविंद केजरीवाल के आरोपों के बाद चर्चा मे है !
सभावतः यह पहला मौका है जब सीधे सीधे नेहरू गाँधी परिवार के किसी व्यक्ति
पर इतने गंभीर किस्म के आरोप लगे हो ! और वह भी पूरे सुबूतों के साथ !यदि
किसी व्यक्ति की कुंडली जाँचनी हो तो उसके जीवन की घटनाओ को ज्योतिष् के
सिद्धांतों से मिलान करिए व्यक्ति की पैदाइश का समय अपने आप पता चल
जाएगा.
आइए देखते हैं की रॉबर्ट वाड्रा का मुद्दा आयेज बढ़ेगा या फिर कुच्छ
दिनों के बाद ठंढा पद जाएगा ! तो जिन लोगों ने यह उम्मीद की है की यह
मुद्दा कुछ दिनों के बाद मुद्दा ही नही रहेगा वे मुगालते मे है !
रॉबर्ट वाड्रा के जीवन मे चार महत्वपूर्ण घटनायें घटी है और ज्योतिष् से
उनका विश्लेषण किया जा सकता है ! उनकी शादी एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना
है उनके जीवन की ! क्यों की रॉबर्ट वाड्रा एक आदमी थे और प्रियंका गाँधी
राजीव गाँधी की बेटी और इंदिरा गाँधी की पोती थी !
ज्योतिष् की दृष्टि से देखें तो रॉबर्ट की कुंडली मे इस विवाह का राजयोग
था ! रॉबर्ट वाड्रा की वृश्चिक लग्न की कुंडली मे उनका सातवाँ घर देखिए !
उनके सातवें घर का स्वामी उच्च का शुक्रा उनके पसंचवें घर मे बैठा है और
पाँचवे घर का स्वामी ग्रह बृहस्पति उसे देख रहा है ! यानी पाँचवे घर और
सातवें घर मे आपस मे संबंध है ! यानी प्रेम पर विवाह की मुहर !यहाँ इतना
ही नही है पाँचवे और सातवे भाव के स्वामी शुक्र उच्च का है और बृहस्पति
दरकारक है.शुक्र का उच्च होना यहा यह दर्शा रहा है की उनका विवाह एक बहुत
ही बड़े घराने मे होना था !
अब हम यह देखे की विवाह के समय गोचर की क्या स्थिति थी तो आश्चर्यजनक
परिणाम आते है ! बृहस्पति और शनि सीधे सीधे सातवे भाव से संबंध बनाए हुए
है ! आश्चर्य  की बात यह है की मंगल बृहस्पति और शनि ना सिर्फ़ सातवे घर
से संबंधित है बल्कि पाँचवे घर से भी गोचर मे संबंध बनाए हुए हैं !

२००१ मे उनकी बहन की एक दुर्घटना मे मौत हो गयी ! ज्योतिष् मे इसका कारण
ढूँढे तो हम पाएँगे की तीसरे घर का स्वामी शनि छठे घर मे है !छठा घर
दुर्घटनाओं का होता है !मंगल से जो की भाई बहन का कारक होता है तीसरे घर
का स्वामी पुनः छठे घर मे है ! छठे घर से शनि पुनः तीसरे घर को देख रहा
है ! वक्री होने के नाते मंगल एक घर पहले से ही देखता है ! इस दृष्टि से
मंगल तीसरे घर को देख रहा है !
  इसी तरह इन्ही विषम ज्योतिष् के योगों और दशाओं मे उनके भाई ने आत्महत्या
कर ली ! यहाँ भी देशकरान और लग्न दोनो कुंडलिया बहुत ही पीड़ित है !
रॉबर्ट वाड्रा की खुद की कुंडली का विश्लेषण करे तो हम पाते है की आयेश
स्वयं बुध होकर . सातवे यानी व्यापार के भाव मे दशमेश और भाग्येश के साथ
है ! इसी राजयोग ने उन्हे सत्ता के करीब लाकर उससे फयडा उठा कर व्यापार
मे उपलब्धिया दिलाई !
सितंबर २०१० से वाड्रा शनि मे बुध की दशा मे आ चुके हैं ! बुध ही व्यपार
का कारक ग्रह है ! पर उनका बुध बहुत ही बुरा भी है. यह वक्री होकर मंगल
से दृष्ट है ! नवांश मे यह बुध शनि के साथ है ! और दशंसा मे यह पुनः मंगल
से पीड़ित है ! ऐसी ग्रहिय स्थितियों मे वही हुआ जो होना था ! बुध इनकम
टॅक्स,बॅंक तथा अन्या सभी संबंधित संस्थाओ का कारक है ! यह बुध आठवे घर
का स्वामी होकर उनके खिलाफ साज़िशें करवा रहा है ! चूँकि की यह बुध वक्री
मंगल से सीधे सीधे दृष्ट है इस लिए समस्यायें ज़मीन और रियल एस्टेट को
लेकर हैं ! मंगल ही ज़मीन और प्रॉपर्टी का कारक ग्रह है !
१४ नवंबर के बाद रॉबर्ट वाड्रा के ग्रह और प्रतिकूल हो जाएँगे ! सौर
दिसंबर की शुरुआत से इन्ही सौदों को लेकर वी गंभीर समस्या मे फासने जा
रहे हैं. उनकेर कुछ छुपे हुए दुश्मन उनके खिलाफ लग चुके है जिनकी मदद से
लोग उनके खिलाफ और मामले तैयार करेंगे !

और उनका वैवाहिक जीवन भी समस्याओं मे आता दिख  रहा है ! माई २०१३ के बाद
उनके और प्रियंका के बीच रिश्तों मे तनाव पैदा करेंगे और जून २०१४ के बाद
संबंध बहुत ही खराब हो जाएँगे !


Astrologer SushilKumaar Singh
9532618523

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