Monday, January 28, 2013

राजनाथ सिंह - ताकतवर है सितारे

राजनाथ सिंह २३ जनवरी को दुबारा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष चुन लिए गये वह भी अचानक ! नितिन गडकरी दुबारा अध्यक्ष बनने ही वेल थे की कुछ घंटे पहले ही उन्हे स्तीफ़ा देना पड़ा नितिन गडकरी किसी कीमत पर दुबारा अध्यक्ष नही बनेंगे और धीरे धीरे भुला दिए जाएँगे !
राजनाथ सिंह की कुंडली -
राजनाथ सिंह का जन्म १३ फ़रवरी १९५० को २३ बाज कर १९ मिनट पर  बनारस के एक गाँव मे हुआ ! वेबसाइटों पर उनकी जन्म तिथि १० जुलाइ दी गयी है जो की ठीक नही है ! और ज्योतिष् के मानदंडों को पूरा नही करती है ! २५ मार्च १९९७ को वे भारतिया जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुए इस काल खंड मे उन्हो ने ना सिर्फ़ संगठन को मजबूत बनाया बल्कि दो बार प्रदेश सरकार को गिरने से बचाया ! और उसी समय पार्टी को लोकसभा मे सर्वाधिक ५८ सीटें उत्तर प्रदेश से मिली ! १९९७ से पहले वह कोई बड़े और महत्वपूर्ण नेता नही थे !
यह दशा छिद्र या दशा संक्रमण का काल थ.रहु की दशा समाप्त होने वाली थी और बृहस्पति की महादशा शुरू होने वाली थी ! और यही से एक आम आदमी के बड़े नेता बनने का समय शुरू होता है !
अक्तूबर १९९७ मे राजनाथ सिंह बृहस्पति मे आए ! उनका बृहस्पति बहुत ही मजबूत है यह छठे घर का स्वामी होकर नीच का है और चौथे घर मे शुक्र और बुध के साथ बैठा है ! वह तुला लग्न के है तुला का मतलब संतुलन ! राजनाथ की ज़ुबान विपरीत परिस्थितियों मे भी नही फिसलती ! इसके और भी कारण हैं ! उनका बुध जो किसी भी पापी ग्रह से पीड़ित नही है बृहस्पति और लग्न के स्वामी शुक्र के साथ चौथे सिंहासन के भाव मे बैठा है ! बुध बृहस्पति एक दूसरे को नवांश और दशांस दोनो वर्ग कुंडलियों मे भी एक दूसरे को देख रहे है है और एक ही धुरी पर हैं !
दिसंबर २००५ मे वे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नियुक्त हुए ! दशा थी चौथे घर मे बैठे हुए बृहस्पति मे शुक्र की !  बृहस्पति बुध और शुक्र तीनो चौथे घर मे बैठ कर बहुत ही प्रभावशाली राजयोग कर निर्माण कर रहे हैं ! यह इन प्रभावशाली ग्रहों की भी दशायें थी जिसने उन्हें उस कुर्सी पर बैठा दिया जिसपर से लाल कृष्ण आडवाणी जैसे नेता को हटा दिया गया था !
पुनः दशा संक्रमण काल मे -
एक बार पुनः वे दशा संक्रमण या दशा छिद्र के काल मे आ गये हैं ! २३ जनवरी को वे एक बार और अध्यक्ष चुने गये दशा थी बृहस्पति मे राहु मे शुक्र की ! शुक्र उनका अष्टमेश भी है जिसके कारण उन्हे किसी की जगह बनाया गया जो लगभग बनने ही वाला था ! आडवाणी के बाद जब वे अध्यक्ष बने तब भी शुक्र का ही प्रत्यन्तर था !
अक्तूबर २०१३ से वे शनि की महादशा मे आ जाएँगे ! उनका शनि स्तानपरिवर्तन मे है ! पंचमेश शनि ग्यारहवे मे सूर्य के घर मे है और ग्यारहवें का स्वामी सूर्य पाँचवे घर मे शनि की राशि मे है ! यह बहुत ही बड़ा राजयोग है ! राजनेताओं के लिए पाँचवा और ग्यारहवान भाव वैसे भी सबसे महत्वपूर्ण होता है !
अक्तूबर के पहले राजनाथ को कुछ चुनौतियाँ अवश्य मिलेंगी पर वे उन सबको सुलझा लेंगे ! शनि उन्हे आम जनता से जोड़ेगा संघर्ष से सफलता दिलाएगा !
प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के संबंध मे जब पार्टी के १० और नेताओं की कुण्डलियां मिल जाएँगी तब विश्लेषण किया जाएगा !

BIRTH DETAILS –

DATE – 13 FEBRUARY 1950
TIME – 23:19
PLACE – VARANASI  UTTARPRADESH

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