Saturday, January 5, 2013

NITISH KUMAR MAY LEAVE NDA IN FUTURE

बिहार मे दूसरी बार नीतीश कुमार सत्ता मे २०१० मे आए तो किसी को भी ये उम्मीद नही थी की २०१२ मे ही उनका इतना विरोध होगा. हो  सकता है की स्वयं नीतीश कुमार यह बात ना समझ पा रहे हों पर ज्योतिष् के नज़र मे उनकी कुंडली उनकी समस्यायें देख सकती है !
नीतीश कुमार लाभ भाव के स्वामी मंगल की महादशा मे थे साथ मे था उच्च का शुक्र ! यही था वह विशेष राजयोग जिसकी वजह से नीतीश कुमार पुनः सत्तासीन हो गये ! पर किसी भी महादशा की सारी अंतरदशायें अच्छी जा ही नही सकती ! उस विरोध के राजनीतिक कारण जो भी रहे हो पर वैदिक ज्योतिष् की नज़र मे यह पकड़ मे आसानी से आ  सकती है ! नीतीश कुमार का चन्द्र उनके दूसरे घर का स्वामी है ! दूसरा घर कुटुम्ब का होता है अर्थात पैतृक घर का भाव ! अब एक राजनेता के लिए दूसरा भाव उसका गृह राज्य भी है ! अब इस भाव का स्वामी यदि छठे भाव मे हो तो क्या होगा ! विवाद होगा संघर्ष और यहा तक की जातक खुद झगड़े पर उतारू हो सकता है ! चाहे वह नीतीश कुमार ही क्यों ना हों ! और ऐसा हुआ भी ! आगे देखिए दूसरे भाव का स्वामी जो छठे मे है वा स्वयं चंद्र है और इतना ही नही उनका चंद्र नीच का होकर छठे भाव मे बैठा है ! यह बहुत है किसी भी अच्छे से अच्छे व्यक्ति के लिए विवादों मे आने के लिए !
यह विरोध जो हुआ वह अचानक समाप्त भी हो गया ! क्यों की नवंबर २०१२ मे नीतीश कुमार मंगल मे चंद्रमा की दशा से बाहर आ गये !
पर क्या उनकी समस्यायें अब समाप्त हो गयीं ! तो मेरा उत्तर होगा नही ! पर उस तरह का विरोध इत्यादि अब नही होगा ! नीतीश कुमार नवंबर २०१२ से राहु की महादशा मे आ गये है ! एक राजनेता के लिए राहु बहुत ही महत्वपूर्ण होता है ! नीतीश का राहु उनकी कुंडली के नौवें भाव मे है और नवम भाव मे राहु बहुत अच्छा माना गया है ! यह राहु कुंभ राशि में है ! जिसका सवमी चतुर्थ भाव मे है ! इस राहु के साथ चतुर्थेश बुध भी बैठा है ! यह सब यह दर्शाता है की नीतीश कुमार अभी राजनीति की बड़ी लंबी पारी खेलने वाले हैं ! राहु की अठारह साल की दशा मे नीतीश बहुत कुछ अच्छा बुरा झेलेंगे और राजनीति मे प्रबल संभावनाओं के साथ बने रहेंगे और प्रभावशाली रहेंगे पर राहु बदलाव का ग्रह है और यह खुद आदर्शों के नावें घर मे बैठा है ! नीतीश कुमार हमेशा राजग मे ही रहेंगे यह तोहो ही नही सकता ! कम से कम राहु उनसे यह तो करवाएगा ही ! राहु यथास्थिति और परंपरा का विरोधी होता है ! इतना करने के बाद भी वह राजनीति मे सफल रहेंगे !

NITISH KUMAR
DOB - 01ST MARCH 1951
TOB - 11:59:30
POB - BAKHTIYARPUR

ज्योतिष् की 5 महत्वपूर्ण दशायें

4 अन्य महत्वपूर्ण बाते हैं ! ग्रहों का गाणांत या सर्पदेश क्राड में होना या पाप्कर्तरी में होना ! ग्रह कहीं मृत्यूभाग म...