Wednesday, May 20, 2015

हिंदू ग्रंथों और ज्योतिष् मे “पुत्र संतान” के उपाय तो हैं पर आज के युग में यह अनैतिक है भाग -1



Already published in www.astrosushilworld.com
बाबा रामदेव का पुत्र जीवक बीज तो एक बानगी भर है ! बहुत सारी औषधियों का एक साथ सेवन करने से ऐसा संभव होता है की पुत्र संतान ही हो ! पर ऐसा सिर्फ़ पुत्र संतान के लिए ही है यह ग़लत है ! "पुत्री संतान" के लिए भी ऐसी औषधिया बताई गयी हैं !
क्या कहता है ज्योतिष् -
ज्योतिष् मे ऐसे नक्षत्र काल और प्रहार बताए गये हैं की यदि उस समय पति पत्नी मिलें तो पुत्र होगा दूसरे समय मे पुत्री ! आज के युग मे कुछ लोग पुत्री संतान के लिए भी उत्सुक रहते हैं !
यंत्र और तंत्र भी मनचाही संतान मे उपयोगी हैं ! कुछ विशेष मंत्र जैसे हरिवंश पूरण का "संतान गोपाल मंत्र" उनके लिए बहुत उपयोगी है जिनके संतान नही हो रही हैं ! राम चरित मानस का सिद्ध मंत्र "प्रेम मगन कौसल्या निसि दिन जात ना जान ! सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान " ! मंत्र की एक विशेष विधि नियम दिन नक्षत्र और विशेष समय है ! पर मैं उसको यहाँ बिल्कुल बताना नही चाहता हूँ ! मैं इस क्रिया को बिल्कुल बढ़ावा नही देना चाहता हूँ !
पुत्र प्राप्ति का एक अन्य बहुत ही शक्तिशाली और प्रभावी मंत्र है जो बिना विधि के बेकार हैं !
"नन्दादि गोकुल त्राता दाता दारिद्र्य भन्ग्जन: !
सर्वमंगल दाता सर्वकां प्रदयकः !!"
इसके अलावा गोपाल अक्षय कवच और बहुत सारे मंत्र तथा यंत्र है जो बिना विधि विधान के प्रयोग करने से निष्फल है ! इंटरनेट पर बहुत सारी सामग्री उपलब्ध है ! पर सब अपूर्ण है संभवतः ज्योतिषियों ने यह जानबूझ कर किया हो जो की प्रशांश्णीय है !
इसके अलावा नपुंसकता डोर करने तथा बन्ध्या स्त्री या barren Lady के लिए भी बहुत सारे कारगर उपाय हैं ! इन उपायों को मैं बताता हूँ क्यों की इससे किसी को संतान की प्राप्ति होती है फिर चाहे वो पुरुष संतान हो या स्त्री !
इसका अँग्रेज़ी अनुवाद जल्द ही छपेगा तथा इस शृंखला का दूसरा भाग जल्द ही प्रकाशित करूँगा !

ज्योतिष् की 5 महत्वपूर्ण दशायें

4 अन्य महत्वपूर्ण बाते हैं ! ग्रहों का गाणांत या सर्पदेश क्राड में होना या पाप्कर्तरी में होना ! ग्रह कहीं मृत्यूभाग म...