Tuesday, December 15, 2020

REAL HOROSCOPE OF YOGI ADITYANATH


 योगी आदित्यनाथ की वास्तविक कुंडली   योगी आदित्यनाथ की जो कुंडली आमतौर पर प्रकाशित होती है वे सभी ग़लत हैं ! आपको वास्तविक कुंडली और जन्म विवरण दिया जा रहा है !   जन्मा तारीख - 29 दिसंबर 1971 समय 20:00 स्थान पौरी गढ़वाल     विनषोत्तरी दशा - बृहस्पति मे राहु 24 अक्तूबर 2019 तक ! बृहस्पति में में राहु में शनि - 03 फ़रवरी 2018 से 22 जून 2018 तक    !

Tuesday, November 24, 2020

चेहरे का वास्तु :-


 चेहरे का वास्तु :-

यदि आपका सब कुछ सही चल रहा है तो बिल्कुल नया प्रयोग मत करिए ! अर्थात आप प्रसन्न हैं संपन्न हैं तो चेहरे का वास्तु मत बदलिए ! कुछ लोग जो आकर्षक चेहरे व्यक्तित्व के धनी हैं वे अचानक सफेद दाढ़ी रख लेते हैं और महीने या 40 दिन बाद नयी नयी समस्यायें आने लगती हैं ! यदि समस्यायें आने लगें तो ऐसे मे पहले जैसी स्थिति मे आ जाइए ! 9559867886

Wednesday, November 18, 2020

भारत के एक बहुत बड़े उद्योगपति की बीमारी


 भारत के एक बहुत बड़े उद्योगपति की कुण्डली जिनकी बीमारी को फेक न्यूज़ बताया जा रहा है ! पर कुण्डली ठीक इसके उलट बता रही है ! सितारे साफ-साफ बड़ी बीमारी की तरफ संकेत दे रहे हैं ! बृहस्पति की महादशा है और अभी शुरुआत ही है ! वक्री बृहस्पति 6ठे भाव का स्वामी होकर आय भाव मे वक्री है ! बृहस्पति मंगल और वक्री शनि से दृष्ट है ! बीमारी खतरनाक और गंभीर है ये बात अलग है कि पैसे के बल पर इलाज हो जाये बाकी रामजी की इच्छा ! 9559867886

Tuesday, March 24, 2020

क्या आपकी कुंडली बता सकती है कि आप करोना से पीड़ित हैं या नहीं


केतु :- केतु महामारीबुखार और इंफेक्शन या संक्रमण का कारक होता है ! केतु किसी बीमारी को बढ़ाने का कारक होता है ! केतु सूक्ष्म जीवों,रोगाणुओं,तथा उनसे संबंधित अध्ययन का कारक होता है ! केतु का बृहस्पति के साथ होना बहुत ही दुखदायी और निराशाजनक है क्योंकि क्योंकि बृहस्पति विषाणुओं को फैलता है जबकि केतु बढ़ाता है ! जबकि राहु किसी कुंडली में वाइरस या विषाणुओं का कारक होता है ! इस गुरु चंडाल योग में बृहस्पति बहुत पीड़ित हो जाता है ! यदि बृहस्पति पीड़ित ना हो तो बीमारी भाग जाएगी परंतु यहाँ तो बृहस्पति ही पीड़ित है !
यदि व्यक्ति की कुंडली में केतु बृहस्पति जोकि धनु राशि में है वह व्यक्ति की कुंडली के बारहवें या छठें भाव में है तो व्यक्ति के COVID-19 से पीड़ित होने की थोड़ी संभावना शुरू हो जाती है ! पर मात्र थोड़ी सी ही ! यदि व्यक्ति का लग्न का स्वामी बृहस्पति हो और वह छठे,बारहवें या लग्न सप्तम भावों में हो तो भी संभावना बढ़ जाती है !
सूर्य :- सूर्य जीवनद्ड़ाईी ग्रह है ! यदि सूर्य कुंडली मे कमज़ोर होगा तो व्यक्ति इन विषाणुओं या विरूसेज़ से लड़ नहीं पाएगा !
शुक्र :- शुक्र प्रतिरोधी क्षमता का कारक ग्रह है ! यदि व्यक्ति का शुक्र अस्त है तो भी समस्यायें बढ़ सकती हैं ! तो व्यक्ति का केतु,शुक्र और सूर्य यदि पीड़ित या कमज़ोर है और उनकी केतु शुक्र राहु और सूर्य की दशा चल रही हो इस महामारी के प्रक्रोप में पड़ने की संभावना बढ़ जाती है !
वैसे भारत में 25 मार्च से और 13 अप्रैल के बाद राहत की उम्मीद है और बड़े नुकसान की संभावना कम है !
9125000013

Thursday, September 12, 2019

भाजपा के चार नेता और उनका भविष्य तथा दशमांश (D10) कुण्डली) से भविष्यवाणी !

भाजपा के चार नेता और उनका भविष्य तथा दशमांश (D10) कुण्डली) से भविष्यवाणी !

1.नरेंद्र मोदी - चारों कुण्डलोयों में स्थायी राजयोग के मामले में श्रेष्ठतम कुंडली ! नीच के भाग्येश चंद्र की विंशोत्तरी दशा के बाद लग्न स्थित लग्नेश/षष्टेश मंगल की विंशोत्तरी दशा दिसंबर 2020 से उन्हें स्थायित्व के साथ-साथ कुछ चुनौतियाँ भी देगा !
दशमांश के चंद्र का नक्षत्र स्वामी अच्छे राजयोग में !
2.अमित शाह -दशमस्थ राहु हमेशा ही राजनीति में नहीं लाता जैसा कि आम भ्रांति है ! पर अमित शाह का दशम राहु उन्हें राजनीति में लाने के साथ-साथ अच्छे बुरे सब दिन भी दिखाये ! अक्टूबर 2020 के बाद राहु में नीच के अष्टमेश मंगल की दशा पुनः उनके लिये चुनौती का समय लाएगा ! जैसा कि पहले भी भविष्यवाणी किया हूं कि उनकी कुंडली के राजयोग टुकड़े-टुकड़े में है मोदी की तरह स्थाई नहीं ! हां चंद्र का नक्षत्र स्वामी शुक्र लग्न का स्वमी होकर सातवें से लग्न को देख रहा है !
3.योगी आदित्यनाथ- 24 अक्टूबर 2019 से महंत योगी आदित्यनाथ सप्तमेश और अष्टमेश शनि की दशा में जो 11 वें भाव में उच्च के लग्नेश के साथ बैठा है बहुत ही बड़ी साज़िशों और संघर्षों के बाद अच्छी दशा में आ जायेंगे ! ध्यान रहे कि 11 वें भाव का यह शनि चंद्र पंचम भाव स्थित गुरु बुध से संबंध बनाए हुये हैं ! दशमांश की बात करें तो चंद्र के नक्षत्र स्वामी अपने ही नक्षत्र रोहिणी में उच्च का वर्गोत्तम है !
4.नितिन गडकरी- बृहस्पति में शुक्र और शुक्र में बृहस्पति आम तौर पर संघर्ष पूर्ण दशा होती है ! अगस्त 2020 के बाद बृहस्पति में दशमेश सूर्य की महत्वपूर्ण दशा में आ जायेंगे ! जून 2021 में गडकरी एक संघर्ष या झगड़े की दशा में आ जाएंगे ! यही वह समय होगा जब उन्हें बहुत सोच समझ कर चलें चलनी होगी ! दशमांश के चंद्र के का नक्षत्र स्वामी शुक्र भले ही नीच का पर 11 वीन भाव मे बैठा है और बृहस्पति से दृष्ट है ! ऊपर के तीन नेताओं में से लिसी एक से उनकी जबरदस्त ठनेगी !
व्यवहारिक पक्ष यह है कि मोदी शाह भाजपा के वर्तमान के सबसे बड़े नेता हैं तो गडकरी संघ के चहेते और योगी को वर्तमान में संघ में वही स्थान प्राप्त है जो। कभी राजनाथ को प्राप्त था !

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#सुशीलकुमारसिंह(#ज्योतिषी एवं #वास्तुशास्त्री - #Astrosushil #टाइम्स_ऑफ_इंडिया एवं #अमर_उजाला पैनल के #एक्सपर्ट) #ज्योतिषसदन जे.बी पुरम मोदहा दक्षिण #फैज़ाबाद #अयोध्या में #रोज़ शाम 06:30 से 09:30, दूसरे तथा चौथे #शनिवार तथा प्रत्येक #रविवार को 10:00 से 2:30 तक ! www.astrosushil.com
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Friday, December 28, 2018

मोदी या राहुल – वर्ष 2019 किसके लिए अच्छा साबित होगा


यह लेख टाइम्स ऑफ इंडिया की वैबसाइट Astrospeak.com के हिन्दी और अङ्ग्रेज़ी दोनों एडिटीओन्स में पहले ही छाप चुकी है !
सबसे पहले तो यहाँ यह उल्लेख करना उचित होगा कि दोनों नेताओं कि कुंडलियाँ बहुत प्रामाणिक नहीं हैं, पर मैंने जिन कुंडलियों का प्रयोग किया है वे ही वरिष्ठ ज्योतिषियों द्वारा संभल-संभल कर प्रयोग की जा रही हैं। राहुल गांधी के जन्म समय का विवरण अस्पताल से मिला है परंतु ऐसा कई बार पाया गया है कि नेता अपनी वास्तविक कुंडली छुपा लेते हैं। पर सीमित संसाधनों में हम इन दोनों कुंडलियों को आधार मानकर 2019 के लिए भविष्यवाणी कर रहे हैं।
राहुल गांधी

राहुल गांधी बहुत दिनों बाद अच्छी दशा में आते दिख रहे हैं। सप्तमेश और मार्केश मंगल की दशा की आखिरी अंतर्दशा चंद्र सितंबर 2018 से 2019 के अप्रैल मध्य तक चलेगी। क्योंकि चंद्र दष्मेश होकर कई राजयोगों मे रहते हुये मंगल सूर्य युति से दृष्ट है। सितंबर 2018 से ही राहुल गांधी की कुंडली मे बहुत सुधार आया है। काँग्रेस ने इस बीच 4 बड़े राज्यों में बीजेपी को हरा कर विजय प्राप्त की अप्रैल मध्य 2019 से राहुल गाँधी पंचम भावस्थ राहु की महादशा में आ जाएंगे। पांचवां भाव राजनीतिज्ञ के लिए बहुत ही अच्छा होता है। राहु स्वयं राहु के नक्षत्र तथा शनि की राशि में है। राहु का डिस्पोजिटर स्वयं शनि है। कुल मिलाकर दशा ठीक है। यह राहु लगनस्थ वक्री बृहस्पति द्वारा दृष्ट भी है। इसलिए वे आने वाले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। कम से कम विपक्ष के अन्य नेताओं पर बहुत भारी पड़ेंगे। वे स्वयं प्रधानमंत्री बन पाएंगे या नहीं यह कहना तभी संभव है जब गठबंधनों का निर्धारण हो जाए और चुनावों की घोषणा हो जाए । क्योंकि मेदिनी ज्योतिष में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही इस सम्बन्ध में भविष्यवाणी की जाती है।
नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी इस समय नीच के परन्तु प्रभावी राजयोगों में शामिल चंद्र की महादशा में चल रहे हैं। यह आश्चर्य की बात नहीं क्योंकि इसी महादशा में वे प्रधान मंत्री बने थे। परन्तु तब राजयोगकारी बृहस्पति की अंतर्दशा थी। शनि नवम, लक्ष्मी, भाग्य भाव को देख रहा था। परन्तु इस समय सप्तमेश और द्वादशेश परन्तु दशम भाव स्थित शुक्र के अंतर में चल रहा है। मतलब 2014 के चुनावों में चंद्र - गुरु की दशा थी। 2019 में मोदी जी चंद्र में शुक्र की दशा में चल रहे हैं। इस बीच 21 फरवरी से 13 अप्रैल उनके लिए परीक्षा की घड़ी होगी। मोदी जी का गोचर का शनि सामुदायिक अष्टक वर्ग में 31 विंदु में है। गोचर का बृहस्पति 30 विंदु पाये है जो ठीक है। क्योंकि शुक्र दशम भाव में चतुर्थेश होकर बैठा है इसलिए उनके दुबारा प्रधानमंत्री की संभावनाएँ क्षीण नहीं हुयी हैं । पर अबकी बार गृह उतने मजबूत नहीं हैं जितना 2014 में थे।



तो राहुल गांधी जी और मोदी में कौन प्रधानमंत्री बनेगा अभी यह बताना कठिन है। ज्योतिष में हमेशा तीसरे की भी संभावना रहती है। हाँ इतना जरूर है कि राहुल गांधी जी की कुंडली फिलहाल मजबूत है और आगे रहेगी होगी। बिना चुनावों की घोषणा हुये और गठबंधनों के आकार लिए प्रधानमंत्री कौन बनेगा यह बताना बिलकुल ही गलत है ।




New Year Forecast: - Modi or Rahul – Whose stars are stronger in 2019


Article is already published in TIMES OF India‘s Astrospeak.com. The same is being reproduced here.
Before making a forecast on both esteemed politicians I would to like make it clear that generally, I have found that the horoscope of politicians are not much trustworthy. But the horoscopes I am going to use for Mr Narendra Modi and Mr Rahul Gandhi is being used by senior astrologers cautiously. Rahul Gandhi’s birth details are said to be found from the hospital he was born. But this is found many times that big shots of politics deliberately distribute different birth details to different astrologers. Don’t know why. But I am trying to make yearly forecast initially for two top politicians of India for the year 2019.
Rahul Gandhi seems to enter in a comparatively very better phase. He is in the effect of Vinshottaree Dasha of Mars and in the sub or antardasha of Moon. Since Moon is involved in stronger Rajyogas as tenth lord being aspected by Sun-Mars combination.moon is the last vinshottaree dasha of Mars mahadasha will be operating till mid of the April 2019. Congress has won all the three states. From mid of the April 2019 Rahul Gandhi will be in the effect of Rahu vinshottaree dasha . Rahu placed in the fifth house is considered better for the politicians since fifth house is considered for political posts/offices. Rahu is placed in its own constellation and in the sign of Saturn.

Dispositor of the Rahu is Saturn itself. Rahu is aspected by Retrograde Jupiter. Over all his Rahu dasha is favourable for him. He seems performing well in the forthcoming general elections at least he will be performing far better than other opposition parties in the possible “gathbandhan”. This is very tough to forecast whether he will become P.M in next government since nothing could be predicted once the election is declared and the possible coalition takes the shape. Because in mundane astrology predictions about Premiership are possible once the elections are declared. Elections can be declared some early also
Narendra Modi is in the effect of the debilitated moon dasha phase. This is not a surprising fact because he became Prime Minister in the same moon vinshottaree mahadasha phase. Though moon is debilitated but is involved in greater Rajyogas. That is why he achieved the highest office of India.but in 2014 he was in the effect of Jupiter antardasha of Moon vinshottaree mahadasha.at that time phase Saturn was transiting over ninth, Lakshmi sthan , house of destiny and also house of political achievements.

But right now Modi ji is in the effect of seventh , twelfth lord venus placed in the tenth house. This means he was in the effect of Moon – Jupiter and now and in 2019 he is in the effect of Moon-Venus. The time phase between 21st February and 13th april will be litmus test for him. In transit Saturn is transiting in the 31 saamudaayik ashtak varga and the transiting Jupiter is over 30 points.

Since Venus is placed in the tenth house being fourth lord so chances of his being Prime minister is not deemed but off course his planets are not as stronger as those were in 2014. so who will be the next Prime Minister Modi or Rahul as of now this cannot be forecasted. And there are always chances of a third man also. But this can be admitted that his horoscope is still stronger and Rahul Gandhi has just entered in a better astrological phase and from mid April the planets will be stronger. So forecasting about the next P.M will be possible once the elections are declared.

Jyotish Sadan Ayodhya 9125000013

Tuesday, December 18, 2018

3 राज्यों के सम्बन्ध मे बी.जे.पी की हार की भविष्यवाणी हुयी सच


3 राज्यों के सम्बन्ध मे बी.जे.पी की हार की भविष्यवाणी हुयी सच




भारतीय जनता पार्टी और तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में उसके हार की भविष्यवाणी साल 2018 के शुरुआती महीने में मैंने अपनी वैबसाइट तथा टाइम्स ऑफ इंडिया के ज्योतिष वैबसाइट मे पहले ही कर दी थी ! जबकि 90% ज्योतिषियों ने तीनों राज्यों में भाजपा की जबर्दस्त जीत की भविष्यवाणी कर दी थी ! भविष्यवाणी का आधार अमित शाह जी की कुंडली तथा भाजपा की कुंडली थी जोकि अन्य ज्योतिष बंधुओं ने अनदेखा कर दिया ! अमित शाह जी की कुंडली के विषय में 30 अप्रैल 2018 को ही बता दिया था कि उनका बुरा समय शुरू हो चुका है मार्च 2019 तक ! भाजपा स्वयं 03 फरवरी 2019 तक बुरे दौर से गुज़र रही है ! इसी को आधार बनाकर मैंने भाजपा की हार की भविष्यवाणी था ! इस संबंध मे मेरी अपनी वैबसाइट में मैंने 17 मार्च, 06 अप्रैल, 27 अगस्त और 05 सितंबर 2018 को इस सम्बन्ध में विस्तार से लिखा था ! जिसमे से कुछ घटनाएँ घटित होना शेष है ! शेष अगले लेख में .......


www.astrosushil.com

Tuesday, September 11, 2018

कुंडलीमिलान का पारंपरिक तरीका कितना सफल और कितना तार्किक है ! -

कुंडलीमिलान का पारंपरिक तरीका कितना सफल और कितना तार्किक है ! - 

कब प्रारम्भ हुआ कुंडली मिलान :- 

प्राचीन या वैदिक काल में हिन्दू लोग ज्योतिष और एस्ट्रोनॉमी से पूरी तरह परिचित होने के बावजूद विवाह में किसी भी प्रकार के ज्योतिष , गुण मिलान आदि का प्रयोग नहीं करते थे ! कालांतर में सूर्य का उत्तरायण होना और शुक्ल पक्ष की तिथि होना जैसी बातों से विवाह संस्कार में ज्योतिष का प्रवेश हुआ ! मशहूर इतिहासकार डॉ राजबली पांडे ने अपनी पुस्तक "हिन्दू संस्कार" में इसका व्यापक उल्लेख करते हुए लिखा है कि सूर्य के उत्तरायण और शुक्ल पक्ष के साथ विवाह में अन्य ज्योतिषीय गड़नाओं का प्रयोग होना धीरे धीरे शुरू हुआ ! पर आज की तरह ही वर वधु की कुंडलियां मिलाने की तार्किक प्रक्रिया ना शुरू होकर गुण मिलान शुरू हुआ ! जो कि नाक्षत्रों पर आधारित था,नक्षत्र क्यों कि 23 घंटे 56 मिनट अर्थात पूरे एक दिन का होता है या एक दिन पूरे 24 घंटे एक ही नक्षत्र रहता है ! तो पंचांग से वर और वधू की पैदाइश के विशेष दिन का( ना कि समय का ) नक्षत्र से मिलान किया जाने लगा ! एक नक्षत्र का दूसरे नक्षत्र से कितनी मैत्री है उसको कुछ पॉइंट्स दिए जाने लगे जैसे 18 गुण 26 गुण आदि ! यह बहुत सरल था क्योंकि जन्म समय की अनुपलब्धता के कारण यह पद्धति धीरे धीरे प्रचलन में आ गयी ! आगे चलकर इसमे मंगल दोष सहित अन्य दोष तथा उसका परिहार भी जोड़ दिया और उसे व्यावसायिक रूप दे दिया गया ! पर सोचने वाली बात यह है कि नौ ग्रह और एक लग्न अर्थात 10 में से हैम केवल चंद्रमा और उसके नक्षत्र को देखते हैं जो कि 10 बिंदुओं में से सिर्फ 10% पर ही हम विचार करते हैं ! इसके अलावा कुंडली उसकी दशाएं उसमे वैवाहिक सुख पति पत्नी की आयु (Longevity) , उनकी साम्पन्नता विपन्नता भावनात्मक लगाव आने वाले समय मे त्याग परित्याग , संतान सुख आदि का ध्यान ही नही दिया जाता था ! तो निष्कर्ष में यह निकालता हुन कि पारंपरिक गुण मिलान उनके लिए है जिनके पास उनका जन्म समय ज्ञात ना हो ! जिनके पास उनका जन्म समय ज्ञात हो वे गुण मिलाना छोड़ कुंडली मिलाएं, अगर कुंडली मिल गयी तो विवाह के सुखी होने के 90% संभावनाएं रहेंगी ! और पाठकों की जानकारी के लिए बात दूं कि जन्म समय पर आधारित वास्तविक कुंडली मिलान की यह प्रक्रिया मात्र कुछ वर्षों से शुरू हुई है ! और दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इसकी पहुंच कुछ जागरूक और सुविधा भोगी वर्ग तक ही सीमित है !यह प्रक्रिया आज की हिन्दू ज्योतिष ने इतनी प्रगति कर ली है कि ज्यादा मेहनत करके घटनाओं के माध्यम से तथा हथेली और अंगूठे देख कर वास्तविक समय तक निकाल लिया जाता है ! क्योंकि यह बहुत हेक्टिक और टाइम टेकिंग है तो जो इस विद्या को जानते हैं वह समयाभाव में इससे दूर रहते हैं ! मैं स्वयं कम ही हॉरोस्कोप रेक्टिफिकेशन का काम लेता हूँ समयाभाव के कारण ! काम से कम 5 से 10 घंटे पूरे चाहिए होते हैं ! 

एक IPS और एक IAS के वैवाहिक जीवन से त्रस्त आत्महत्या तथा कुण्डलीमिलान का संबंध :-

अब आते हैं 09 सितंबर 2018 को आत्महत्या करके दिवंगत हुए IPS सुरेंद्र दास जी के विषय पर जो  नवोदय विद्यालय के छात्र थे जिसका कभी मैं भी छात्र था,फ़ैज़ाबाद जवाहर नवोदय विद्यालय का ! कुछ माह पहले IPS मुकेश पांडे जी भी ट्रेन से कट कर मरे थे ! कारण दोनों मे वही पत्नी से मेल ना खाना ! जानकारी के अनुसार दोनों की कुण्डलियां मिलाई गयी थी ! पर उसी तरह से,नक्षत्र चरणों से अर्थात राशि के नाम से ! जैसे आज 80% मामलों में हो रहा है ! हालाकी एक आधुनिक समाज भी तैयार हो रहा है जो नये शोधों से लैस पद्धतियों को फॉलो कर रहा है और सुखी भी है ! तो जैसा कि मैने फसबुक पर तीन संक्षिप्त शृंखलाओं मे कहा कि इस तरह से शादियों के गुण मिलान का कोई अर्थ नही जैसे सुबह अख़बार में या टी.वी में राशिफल पढ़ने का कोई अर्थ नही ! मिलाना है तो दोनों की कुण्डलियां अलग अलग दो भिन्न भिन्न अस्तित्वों का मिलान करिए ! ना कि रोहिणी नक्षत्र के लड़के का मघा नक्षत्र की लाड़की से ! कुण्डलियां बहुत कुछ बता देंगी ! अगर आप ज्योतिष् को मानते हैं तो दोनों कुण्डलियां आपस मे मिल रही हैं तो शादी करिए नहीं तो दोनों दूसरे रास्ते खोजें  ! इस 36 गुण और मांगलिक के चक्कर में मैने सैकड़ों घर बर्बाद होते देखे हैं ! ऐसा मैं ही नहीं फॉलो करता विश्व में हिंदू भारतीय ज्योतिष् के सबसे बड़े हस्ताक्षर श्री के.एन राव सर भी यही मानते हैं ! IPS साधु किस्म के ईमानदार और भक्त व्यक्ति थे ! जाहिर है शाकाहारी भी थे ! पत्नी जन्माष्टमी को घर में माँस खाती है तो कैसे पटेगी ! यह सामान्य घटना नहीं है ! यही तो गुणमिलान है ! एक मनुष्य की राक्षस से कितनी पटेगी ! यह बाते तो कुंडली देखे बिना भी समझी जा सकती थी ! कुंडली मिलाइए पर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से ! पहले Longevity अर्थात उम्र देखिए ! ज्योतिषी को यह देखना चाहिए कि दोनों मे से कोई अल्पायु तो नहीं है ! 2. फिर भावनायें या गुण मिलायें अर्थात दोनों की आदतें मिलती है कि नही साथ में दोनों में भावनात्मक लगाव रहेगा या नहीं ! यहाँ IPS के केस में  यही सब तो हुआ ! 3. फिर Prosperity अर्थात संपन्नता देखिए कि दोनों कुंडलियों में किसी एक में रोज़ी रोटी का संकट तो नहीं है ! चौथा और अंतिम संतान योग देखिए ! ....शेष बातें फिर कभी 

सुशील कुमार सिंह (टाइम्स ऑफ इंडिया पैनेल के ज्योतिषी ) Contact - 7985517269 Whatsapp - 9125000013 www.astrosushil.com ज्योतिष् सदन फ़ैज़ाबाद (अयोध्या)

Wednesday, September 5, 2018

ज्योतिष के अनुसार समय पर या समय से पूर्व होंगे लोकसभा 2019 के चुनाव :-

ज्योतिष के अनुसार समय पर या समय से पूर्व होंगे लोकसभा 2019 के चुनाव 

भारतीय हिन्दू ज्योतिष यह भी बताने में सक्षम है कि चुनाव में कौन जीतेगा तो वह यह भी बताने में सक्षम है कि चुनाव कब होंगे ! कुछ वरिष्ठ ज्योतिषियों ने 1989 के तथा दो अन्य लोकसभा चुनावों का समय बता दिये थे ! मैंने एक राष्टीय समाचार पत्र के लिए 2009 के चुनावों का समय बताया था ! चुनाव संबंधित भविष्यवाणी में सबसे बड़ी अड़चन नेताओं का जानबूझ कर गलत जन्म विवरण देना तथा भाजपा कांग्रेस शिवसेना के अतिरिक्त किसी बड़ी पार्टी की वास्तविक कुंडली की अनुपलब्धता भी है ! वैसे मेरे पास समाजवादी पार्टी की कुंडली उनके एक बड़े नेता द्वारा दी गयी हुई है पर समयाभाव में मैंने उसपर काम नहीं किया !  


 क्या है चुनावों की तारीख बताने का ज्योतिषीय सिद्धांत :  

पहली स्थिति में राहु की एक विशेष स्थिति में ही चुनाव होते हैं ! यह शोध अभीतक सम्पन्न हर आम चुनाव पर लागू हुआ है !   दूसरी स्थिति में मंगल चुनाव /पोलिंग के दिन कभी भी द्विस्वभाव राशियों अर्थात मिथुन, कन्या धनु तथा मीन राशि में नहीं था !    तीसरी स्थिति में सभी तो नहीं पर कुछ   आम चुनावों में शनि या बृहस्पति वक्री थे !   चैथी स्थिति में लगभग 50% केसेज़ में शनि द्विस्वभाव राशियों अर्थात मिथुन ,कन्या,धनु तथा मीन राशियों को जैमिनी दृष्टि से देखता है !   पाँचवी स्थिति में ज्यादातर केसेज़ में भारत की स्वतंत्रता तथा गणतंत्र की कुंडलियों के दसवें,चौथे,पहले,आठवें, ग्यारहवें तथा छठे भाव पर किसी पाप ग्रह की जैमिनी दृष्टि अवश्य पड़ रही थी !  दसवाँ घर सत्तारूढ़ दल और प्रधानमंत्री का नेतृत्व करता है ! चौथा भाव विपक्ष तथा राज्यसभा को प्रदर्शित करता है ! ग्यारहवां भाव संसद द्वारा नए कानून बनाने तथा चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की अधिसूचना जारी करने का प्रतिनिधित्व करता है ! छठा भाव मतदाता क्षेत्र तथा प्रत्याशियों की लड़ाई या यूं कहिये कि हार या जीत का होता है ! पहला और आठवाँ घर चुनावों की घोषणा के बाद जनता तथा नेताओं के बीच के चुनावी बुखार और हलचल का प्रतिनिधित्व करता है !   अब यदि जैमिनी ज्योतिष के उपरोक्त सिद्धांतो को ध्यान में रखा जाय तो सिर्फ तीसरा सिद्धांत इस बार की मेरे द्वारा निकाली गई तारीखों पर लागू नहीं हो रहा है ! शेष चारों सिद्धांत पूरी तरह से लागू हो रहे हैं !  


 तो क्या समय से पहले होंगे 2019 के चुनाव :   

उपरोक्त बताये गए जैमिनी दृष्टिकोण से आम चुनाव थोड़ा पहले हो सकते हैं अर्थात 23 मार्च के पूर्व ! जबकि सामान्य तौर पर इसे अप्रैल या मध्य मई तक सम्पन्न होने चाहिए ! पहले नियम के अनुसार राहु चर राशि "कर्क" में 23 मार्च तक रहेगा ! यहां राहु के वास्तविक गोचर की बात हो रही है ! जिसे ट्रू राहु ट्रांजिट भी कहते हैं ! अन्यथा दूसरे मत के अनुसार राहु 7 मार्च को ही कर्क राशि छोड़कर मिथुन में प्रवेश कर जाएगा ! पर अधिकतर ज्योतिषी 23 मार्च के गोचर को ही महत्वपूर्ण मानते हैं ! तो पहले सिद्धांत के अनुसार चुनाव 23 मार्च के पहले सम्पन्न हो जाने चाहिए ! और एक संभावना यह भी है कि चुनाव शरू होने के बाद कुछ बड़े विवाद हो और कुछ दिनों के लिए चुनाव तिथियां आगे बढ़ा दी जाय कुछ फेज हो जाने के बाद ! इन विषयों पर कुछ गंभीर शोध की आवश्यकता है ! पर ज्यादा संभावना 23 मार्च के पहले चुनाव सम्पन्न होने की लगती है ! दूसरे सिद्धांत के अनुसार  06 फवरी से 07 मई तक मंगल द्विस्वभाव राशि में नहीं रहेगा और 06 फवरी से 22 मार्च तक स्वतंत्रता की कुंडली के चौथे और दशवें घर को जैमिनी दृष्टि से देखेगा ! तथा 22 मार्च से 07 मई तक मंगल चौथे,दसवें,पहले,ग्यारहवें, छठवें तथा आठवें भाव या स्वामियों को देखेगा !  तीसरी स्थिति लागू नहीं है क्योंकि शनि और बृहस्पति अप्रैल में वक्री होंगे तो ऐसा भी जो सकता है कुछ फेज होकर चुनाव के कुछ फेज बाद में हों ! चौथी स्थिति के अनुसार शनि सभी द्विस्वभाव राशियों को देख रहा है ! पांचवीं स्थिति भी पूर्ण रूप से लागू हो रही है पर सिर्फ दो दिनों के लिए तो ऐसा हो सकता है कि चुनाव आयोग की राजनीतिक पार्टियों से कुछ विवाद हो कुछ फेज थोड़े अंतराल पर हों ! 

ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह (टाइम्स ऑफ इंडिया पैनेल के ज्योतिषी)

ज्योतिष् सदन फ़ैज़ाबाद अयोध्या 7985517269, Whatsapp - 9125000013  


Monday, April 23, 2018

योगी आदित्यनाथ की वास्तविक कुंडली

योगी आदित्यनाथ की वास्तविक कुंडली   योगी आदित्यनाथ की जो कुंडली आमतौर पर प्रकाशित होती है वे सभी ग़लत हैं ! आपको वास्तविक कुंडली और जन्म विवरण दिया जा रहा है !   जन्मा तारीख - 29 दिसंबर 1971 समय 20:00 स्थान पौरी गढ़वाल     विनषोत्तरी दशा - बृहस्पति मे राहु 24 अक्तूबर 2019 तक ! बृहस्पति में में राहु में शनि - 03 फ़रवरी 2018 से 22 जून 2018 तक      


 Astrologer Sushil Kumaar Singh is an internationally acclaimed Vedic Astrologer, recognized for his accurate predictions.  His astrology services include Life Reading, Career Report, Detailed Kundali Matching, Match Making, Health Report, Business Report, Finance Report, Love Chemistry Report and more. BOOK AQUICK ANSWER IN 2-3 HOURS OR A PHONE CONSULTATION WITH ASTROLOGER SUSHIL KUMAAR SINGH. FOR IMMEDIATE RESPONSE PLEASE FEEL FREE TO CONTACT HIM ON THE FOLLOWING NUMBERS (91-7985517269  WHAPP 91-9621127233)

Tuesday, March 20, 2018

Stars of BJP Amit Shah and Yogi Adityanath


Infightings and feud in BJP
As predicted earlier BJP will be in a phase of infightings from March April. The defeats in the Gorakhpur and Phulpur are merely starting of the feud in the party. The cause of this fighting will be dasha chhidra and beginning of debilitated moon dasha placed in the sixth house.Few months after March in 2018 are very crucial for the party. The party may lose few more elections in 2018 but the main issue is not defeat but the issue is an expected infighting in the party. This fighting will be against said corruption and irregularities in the party. But at the same time party will win few elections also. From 14th march till 05th April Bjp is in the effect of Ketu pratyantardasha. This clearly indicates few sudden unexpected happenings in the party.

Amit Shah
As predicted earlier after March even Amit Shah will be in a bad astrological phase. Few stronger leaders in the party will be against Amit Shah. Few politicians might raise the issue of corruption in the party.

Yogi Adityanath
About Yogi Adityanath I had predicted for Astrospeak on 19th may that he will face troubles and hurdles from the party. On 14th BJP lost Gorakhpur loksabha seat but there is a saying in Gorakhpur and his horoscope clearly indicates that his math didn’t take in the elections because the candidate was out of math. Yogi Adityanath is a stubborn politician and he is hath yogi. His horoscope has “ shatruhanta yoga” this means no one can win from him and he will destroy his enemy. In future he is going to be the most shining star in the BJP. But he is going to face great obstacles from the leaders in the party.

Will BJP lose 2019?
This will be too earlier to predict this because horoscope of BJP is not as weak as the opposition is expecting after the bi elections. This cannot also be predicted that only BJP is going to win. All this can be predicted ones this is clear that which parties will make alliance in the next elections.


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Saturday, March 17, 2018

क्या कहते हैं भाजपा अमित शाह और योगी के सितारे !


भाजपा में होगा अंतरकलह और विवाद
जैसा कि पहले ही भविष्यवाणी की जेया चुकी है कि मार्च अप्रैल से भाजपा में आपसी झगड़े और कलह बढ़ेगी ! कारण होगा दशा छिद्र की दशा और नीच के तथा छठे भाव स्थित चंद्र की दशा की शुरुआत ! मार्च के बाद के कुछ महीने भाजपा के लिए अच्छे नहीं हैं ! पार्टी कुछ महत्वपूर्ण चुनाव हारेगी और इससे ज़्यादा यह होगा की पार्टी में जबरदस्त अंतरकलह सामने आएगी ! वर्चस्व की लड़ाई सॉफ सॉफ दिखती है ! इसमें कुछ बवाल पार्टी में तथाकथित अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर होगी ! 14 मार्च से 05 अप्रैल का समय पार्टी के लिए ठीक नहीं है क्योंकि पार्टी इस समय केतु के प्रभाव में है जिसका मतलब कुछ आकस्मिक और अप्रत्याशित घटनायें घटेंगी ! जिससे पार्टी को बचना चाहिए !
अमित शाह
जैसा कि पहले ही बताया जेया चुका है कि मार्च अप्रैल से अमित शाह की दशायें ठीक नहीं है 2018 में ! पार्टी के कुछ नेता उनके खिलाफ सामने सकते हैं ! कुछ नेता पार्टी के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार पर मुखऱ होंगे !
योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ के विषय में मैने 19 मे 2017 को भविष्यवाणी दे दी थी कि पार्टी में उनके खिलाफ कुछ लोग साज़िशें करेंगे ! गोरखपुर उपचुनाव में हार योगी का उन नेताओं को एक जवाब हो सकता है ! उनकी कुंडली में कुछ जबरदस्त योग है जिनमे "शत्रुहंता" योग भी है जिसमें सामने वाला दुश्मन का जातक से ना जीत पाना है ! योगी 25 साल की उम्र से कोई चुनाव नहीं हारे ! ऐसा कहा जा रहा है कि मठ ने इस चुनाव मे हिस्सा नहीं लिया ! आगे चलकर योगी भाजपा के एक चमकते सितारे साबित होंगे पर इस बीच उन्हें बहुत विरोध और झंझवतें झेलनी पड़ेंगी !
क्या भाजपा 2019 हार जाएगी ?
यह कहना बहुत ही जल्दबाज़ी होगी क्योंकि भाजपा अभी उतनी कमज़ोर नहीं है जितना उसे उपचुनावों के बाद मीडीया पेश कर रही है ! यह भी सीधे सीधे नहीं कहा जेया सकता की भाजपा जीत ही रही है ! इस संबंध में भविष्यवाणी तभी की जेया सकती है जब विपक्ष के संभावित गठबंधन के पार्टियों और नेताओं की कुण्डलियां उपलब्ध हों !




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REAL HOROSCOPE OF YOGI ADITYANATH

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